एयर इंडिया पर जिला उपभोक्ता आयोग सख्त, फ्लाइट रद्द करने पर भोपाल के 6 यात्रियों को मिलेंगे ₹96 हजार
भोपाल
तकनीकी वजहों से कई बार उड़ान निरस्त होती और विमानन कंपनियां टिकट रद्द कर देती हैं। वे टिकट का पैसा तो वापस करती हैं, लेकिन उसकी वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई से प्राय: इन्कार कर देती हैं।
भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग ने इसे सेवा में कमी बताते हुए उपभोक्ता को 96 हजार रुपये की भरपाई करने का आदेश विमानन कंपनी को दिया है।
श्रीनगर की फ्लाइट हुई थी कैंसिल
मामला कोटरा सुल्तानाबाद निवासी तीन परिवारों डॉ. शैलेंद्र एवं सुषमा निगम, सुदेश एवं शालिनी सक्सेना और डॉ. एमएल बंजारे एवं बुशन बंजारे ने 11 मई 2024 को भोपाल से श्रीनगर जाने के लिए एयर इंडिया की टिकट बुक कराई। 6 यात्रियों का कुल किराया 1.18 लाख रुपये लगा। यात्रियों ने पहलगाम, गुलमर्ग और श्रीनगर में होटल, हाउसबोट तथा स्थानीय वाहनों की अग्रिम बुकिंग कर रखी थी।
श्रीनगर से दिल्ली की उड़ान और दिल्ली से रानी कमलापति स्टेशन तक वंदे भारत एक्सप्रेस की एसी-1 और एसी-2 श्रेणी के टिकट भी लगभग 54,670 रुपये में बुक किए गए थे।
दाे घंटे पहले दी जानकारी
11 मई को एयर इंडिया ने उड़ान से केवल दो घंटे पहले टिकट निरस्त होने की सूचना दी। तब तक ये लोग हवाई अड्डे के लिए निकल चुके थे। एयर इंडिया ने अगले दिन की उड़ान में टिकट उपलब्ध करा दिए, लेकिन तब तक यात्रियों की कश्मीर में की गई अधिकांश अग्रिम बुकिंग बेकार हो चुकी थी। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ा।
सभी यात्री वरिष्ठ नागरिक श्रेणी में आते हैं और उन्होंने आयोग में विशेष सुविधा न मिलने की भी शिकायत की थी। यात्रियों ने इस नुकसान की भरपाई का दावा किया तो विमानन कंपनी ने इन्कार कर दिया। उसके बाद मामला जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचा।
एयर इंडिया ने कहा उसने नियमों का पालन किया
एयर इंडिया ने आयोग के समक्ष दलील दी कि विमान से पक्षी टकराने के कारण उड़ान निरस्त करनी पड़ी थी। कंपनी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के सीएआर नियमों का पालन करते हुए यात्रियों को अगले दिन की उड़ान उपलब्ध कराई और आवश्यक सहायता दी।
आयोग में नहीं चली दलील
आयोग के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल तथा सदस्य अंजुम फिरोज और प्रीति मुद्गल की पीठ ने कंपनी की दलील को नहीं माना। उनका कहना था कि उड़ान निरस्त होने से यात्रियों की पूर्व निर्धारित यात्रा योजना पूरी तरह प्रभावित हुई। उन्हें आर्थिक नुकसान व मानसिक कष्ट उठाना पड़ा। इसकी भरपाई कंपनी को करना होगा। उन्होंने प्रत्येक यात्री को 16-16 हजार रुपये की दर से 96 हजार रुपये देने के आदेश दिए।


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