पटना
मेडिकल की बढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए गुड न्यूज है। अब पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में सत्र 2026-27 से एमबीबीएस की 250 सीटों पर नामांकन होगा। अब तक 200 सीटों पर दाखिला होता था। इस सत्र से 50 सीटों की वृद्धि कर दी गई है। पीएमसीएच के प्रस्ताव को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने मंजूरी दे दी है। इसकी जानकारी एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष एमके रमेश ने दी। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, भागलपुर में भी सीटें बढ़ाई गई हैं। महुआ और आरा स्थित नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 सीटों पर नामांकन शुरू करने की तैयारी है।

एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। आयोग ने पीएमसीएच में फैकल्टी की कमी और बायोमेट्रिक उपस्थिति में खामियों पर चिंता जताई। कॉलेज प्रशासन को 90 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर कर कार्रवाई प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में पाया गया कि आवश्यक 168 फैकल्टी सदस्यों के मुकाबले 145 शिक्षक ही पंजीकृत पाए गए। इनमें भी सिर्फ 103 शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक दर्ज की गई।

एसकेएमसीएच और डीएमसीएच में भी वृद्धि होगी
पीएमसीएच के अलावा जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, भागलपुर में एमबीबीएस सीटों की संख्या 120 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है। महुआ (वैशाली) और आरा (भोजपुर) के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 सीटों के साथ शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। एनएमसी द्वारा एक मेडिकल कॉलेज में सीटों की अधिकतम सीमा संबंधी नियमों में संशोधन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच), श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच), मुजफ्फरपुर व अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया में भी एमबीबीएस सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

● शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नई व्यवस्था लागू, पहले 200 सीटों पर होता था दाखिला

● फैकल्टी की कमियां 90 दिनों के भीतर दूर कर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

● महुआ और आरा में नए मेडिकल कॉलेजों में 100-100 सीटों पर नामांकन शुरू हाेगा

निजी मेडिकल कॉलेजों में भी सीटों की बढ़ोतरी
निजी क्षेत्र में भी मेडिकल शिक्षा का विस्तार हुआ है। महाबोधि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल व खगड़िया के श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज को 100-100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिली है। विराट रामायण इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को 50 सीटों के साथ अनुमति दी गई है। कटिहार मेडिकल कॉलेज की क्षमता 200 कर दी गई है। एनएमसी, सासाराम और मधुबनी मेडिकल कॉलेज में 250-250 सीटों पर नामांकन होगा। माता गुजरी मेडिकल कॉलेज, किशनगंज और लॉर्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज, सहरसा में 150-150 सीटों पर नामांकन होगा।

 

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Source : Agency