MP Weather: भोपाल-सीहोर समेत कई इलाकों में बारिश, 50 जिलों में अलर्ट; खरगोन में आकाशीय बिजली से 2 की मौत
भोपाल
मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।
आज भारी बारिश की संभावना
मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है।
आज भारी बारिश की संभावना
मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है।
खरगोन में दो अलग-अलग घटनाओं में बारिश के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मजदूर राधेश्याम (30) और गृहिणी केनू (30) की मौत हो गई। केनू का 3 साल का एक बेटा है। वहीं, बैतूल के चिचोली में चंपा नदी उफान पर है। इसके रपटे पर सोमवार रात सिप्लाई निवासी राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक समेत बह गए। रातभर तलाश के बाद मंगलवार सुबह रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में दोनों के शव मिले।
छिंदवाड़ा-सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक, आज बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इनके अलावा 50 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।
इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।
अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, 24 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी। 15 जिले अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद मानसून एक जगह पर ठहर गया।
इस वजह से दिन-रात गर्मी का असर भी बढ़ा है। खासकर उत्तरी हिस्से जैसे ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा संभाग के शहरों में पारे में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
फिलहाल आगे बढ़ने के संकेत नहीं
प्रदेश में पिछले छह दिनों से बारिश हो रही है। कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इससे प्रदेश की ओवरऑल बारिश के आंकड़े में भी सुधार आया है। 1 जून से अब तक औसत 124.2 मिमी (5 इंच) बारिश होना थी। 75.7 मिमी (3) इंच पानी गिरा है, जो सामान्य से कम है।
पूर्वी हिस्से में औसत से 68 प्रतिशत पानी कम गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत 11% बारिश ही कम हुई है। अलीराजपुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम करीब 2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। इस तरह ओवरऑल 39 प्रतिशत पानी कम गिरा है।
इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश
कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।
ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर। इनमें भोपाल में 6 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है।


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