वास्तु शास्त्र: झाड़ू लगाने के नियम, दाहिने हाथ से सफाई को माना जाता है शुभ
वास्तु शास्त्र में झाड़ू लगाने से संबंधित बहुत सारे नियमों का उल्लेख है. जिसमें सबसे विशेष है कि झाड़ू किस हाथ से लगानी चाहिए. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, झाड़ू को हमेशा दाहिने हाथ (Right Hand) से पकड़कर सफाई की शुरुआत करनी चाहिए. चूंकि हिंदू सनातन परंपरा और वास्तु में झाड़ू को देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है, इसलिए इसे पकड़ने और इस्तेमाल करने के कुछ खास नियम बताए गए हैं.
झाड़ू पकड़ने और इस्तेमाल करने के नियम
दाहिने हाथ से शुरुआत
किसी भी शुभ या जरूरी कार्य की तरह, झाड़ू को भी दाहिने हाथ से पकड़कर ही बुहारना (सफाई करना) शुरू करना चाहिए. यदि आप बाएं हाथ से काम करने वाले (Left-handed) हैं, तो आप अपनी सुविधा के अनुसार बाएं हाथ का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि वास्तु में भाव और स्वच्छता को अधिक महत्व दिया गया है.
दोनों हाथों का उपयोग
यदि झाड़ू भारी या लंबी है, तो आप दोनों हाथों से उसे पकड़ सकते हैं, लेकिन मुख्य नियंत्रण दाहिने हाथ में ही होना चाहिए.
पैर न लगाएं
झाड़ू को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए और न ही इसके ऊपर से लांघकर (पार करके) जाना चाहिए. अगर गलती से पैर लग जाए, तो हाथ से छूकर क्षमा मांग लेनी चाहिए.
झाड़ू लगाने के मुख्य वास्तु नियम
सही दिशा
झाड़ू हमेशा घर के पश्चिम (West) या दक्षिण-पश्चिम (South-West) कोने में रखनी चाहिए. झाड़ू लगाते समय कोशिश करें कि शुरुआत उत्तर या पूर्व दिशा से करते हुए कचरे को दक्षिण या पश्चिम की तरफ लाएं.
समय का ध्यान
झाड़ू लगाने का सबसे शुभ समय सूर्योदय के तुरंत बाद का होता है.
शाम को झाड़ू न लगाएं
सूर्यास्त के बाद या शाम के वक्त झाड़ू लगाने से सख्ती से बचना चाहिए. माना जाता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी बाहर चली जाती है. अगर किसी वजह से शाम को सफाई करनी ही पड़े, तो कचरे को घर से बाहर न फेंकें, उसे एक कोने में इकट्ठा कर दें और सुबह फेंकें.
झाड़ू को छुपा कर रखें
जैसे घर में धन को छुपाकर रखा जाता है, वैसे ही झाड़ू को भी ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां बाहर से आने वाले किसी मेहमान या बाहरी व्यक्ति की सीधी नजर उस पर न पड़े.
खड़ी न रखें झाड़ू
झाड़ू को कभी भी खड़ी करके नहीं रखना चाहिए. इसे हमेशा लिटाकर रखना ही वास्तु के अनुसार शुभ होता है. खड़ी झाड़ू घर में कलह और दरिद्रता का कारण बन सकती है.


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